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शनिवार, 11 मार्च 2017

लाशलीला

‘मैं नहीं लूंगा’, एक ने कहा।

दूसरों ने शुक्र मनाते हुए ठंडी सांस ली-‘हमपर है ही कहां जो देंगे’


इसके साथ ही सब मिलजुलकर खीखी करते हुए मुर्दाघर में दफ़न हो गए।


-संजय ग्रोवर
10-03-2017

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