एक ऐसी जगह है जहां लोग, अकसर, घंटों अकेले बातचीत करते हैं.
*पागलखाना* ==== बचकाना, अहमकाना, बेवकूफ़ाना, जाहिलाना, फ़लसफ़ाना, फ़लाना, ढिकाना....सब कुछ अनियोजित, अनियंत्रित, अनियमित, अघोषित....जब हमें ही कुछ नहीं पता तो आपको कैसे बताएं कि हम क्या करने वाले हैं....
without script लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
without script लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
बुधवार, 17 अगस्त 2016
सदस्यता लें
संदेश (Atom)