Verse लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
Verse लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

सोमवार, 14 जनवरी 2019

मंदिर-मस्ज़िद यहीं बना लो, मंज़र बड़ा रुहानी है

Photo by Sanjay Grover


चांद से चिट्ठी आई है के दुनिया आनी-जानी है 
मंदिर-मस्ज़िद यहीं बना लो, मंज़र बड़ा रुहानी है

गांधीजी का नाम रटो हो, पहने हो जैकेट और कोट
लंगोटी के नाम पे फिर क्यूं मरी तुम्हारी नानी है

आधी-पौनी दिखे सचाई,समझा ख़ुदको ज्ञानी है
अंधे कैसे होते होंगे गर ये दुनिया कानी है

सभी हुक़ूमत करना चाहें इल्मी-फ़िल्मी-राजा लोग
गांधी जैसी बात चले तो-‘बस इक रोटी खानी है’

ईद और करवाचौथ करो हो, देख-देखके चांद का मुह
आज ही क्यों ना चांद पे जाओ, ये दुनिया तो फ़ानी है


-संजय ग्रोवर
15-01-2019



गुरुवार, 21 जून 2018

सच जब अपनेआप से बातें करता है

ग़ज़ल
creation : Sanjay Grover












सच जब अपनेआप से बातें करता है
झूठा जहां कहीं भी हो वो डरता है

दीवारो में कान तो रक्खे दासों के
मालिक़ क्यों सच सुनके तिल-तिल मरता है

झूठे को सच बात सताती है दिन-रैन
यूं वो हर इक बात का करता-धरता है

सच तो अपने दम पर भी जम जाता है
झूठा हरदम भीड़ इकट्ठा करता है

झूठ के पास मुखौटा है किरदार नहीं
सच की ख़ाली जगह वही तो भरता है 


-संजय ग्रोवर
21-06-2018

शनिवार, 20 जनवरी 2018

पहले करता है ज़िक़्रे-आज़ादी/माफ़िया तब ग़ुलाम करता है

ग़ज़ल

इससे जो मिलके काम करता है
माफ़िया एहतिराम करता है

तुम्हारा डर है माफ़िया की ख़ुशी
माफ़िया ऐसे काम करता है

पहले करता है ज़िक़्रे-आज़ादी
माफ़िया तब ग़ुलाम करता है

हिंदू, मुस्लिम हैं सब क़ुबूल इसे
माफ़िया आदमी से डरता है

नाम, पैसा, रुआब क्या चहिए
माफ़िया इंतज़ाम करता है


माफ़िया के जो काम आ जाए
नाम उसके इनाम करता है

माफ़िया से मिला लो हाथ अगर
माफ़िया ओस जैसे झरता है

तुम भले शब्द एक ही बोलो
माफ़िया अर्थ चार करता है

माफ़िया दाएं भी है बाएं भी
माफ़िया चमत्कार करता है

माफ़िया कितना तो अकेला है
मुझ अकेले पे वार करता है

आपमें दम है अगर, शक़ करलो
माफ़िया सबसे प्यार करता है

माफ़िया है, जवाब क्यों देगा!
माफ़िया बहिष्कार करता है 

माफ़िया को शरम नहीं आती
वो तो बस शर्मसार करता है

माफ़िया यूं बड़ा ही सामाजिक
सारे पीछे से काम करता है

माफ़िया इसका, उसका, सबका है
जो भी उसको सलाम करता है

ख़ुद कोई क्यों तमाम होगा भला
माफ़िया सबका काम करता है


-संजय ग्रोवर
20-01-2018




ब्लॉग आर्काइव