रविवार, 17 नवंबर 2019

बधाई


‘बड़ी अच्छी  जुगाड लगाई यार तूने, ंि दी  कादमी में लग गया! बधाई हो!’
‘तू भी तो हुर्दू कादमी में फ़िट हो गया, तुझे भी बधाई!’
‘इसी को तो कहते हैं ं गा-अमुना संस्कृति’
‘अब तो पारदर्शिता का ज़माना है, अब तो हम खुलकर इसे कह सकते हैं
-ॉग्रेस-ीजेपी संस्कृति’! 

सोमवार, 5 अगस्त 2019

दुनियादारी


लघुकथा

कुछ सफल लोग आए कि आओ तुम्हे दुनियादारी सिखाएं, व्यापार समझाएं, होशियारी सिखाएं।

और मुझे बेईमानी सिखाने लगे।

अगर मुझे बचपन से अंदाज़ा न होता कि दुनियादारी क्या है तो मेरी आंखें हैरत से फट जातीं।

-संजय ग्रोवर

05-08-2019