सोमवार, 10 सितंबर 2012

किसीने चूहा छोड़ा उनका...


ग़ज़ल

ज़्यादा उनकी, थोड़ा उनका
घास भी उनकी, घोड़ा उनका

किसीने बिल्ली पकड़ी उनकी
किसीने चूहा छोड़ा उनका

टांगे ही बेकार अगर थीं
घुटना काहे तोड़ा उनका!

चेहरा अपना बचाके रखना
तुमने दिल है तोड़ा उनका

अभी बना दें, अभी हटा दें
राहें उनकी, रोड़ा उनका

अलग़-अलग़ भी वही हुए हैं
साथ-साथ भी जोड़ा उनका

-संजय ग्रोवर


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