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सोमवार, 22 सितंबर 2014

नाक तो बचाओ

छोटी कहानी


सिरपनखा ने मनमोहनी मुस्कान बिखेरते हुए कहा, ‘‘राजकुमार, आप तो बड़े हैंडसम हैं, क्या मैं आपको प्रपोज़ कर सकती हूं?’’

‘‘मैं तो ऑलरेडी मैरिड हूं, फिर भी सोचता मगर स्त्री का यूं मुस्कुरा-मुस्कुरा कर प्रपोज़ करने की पहल करना, मेरी समझ में नहीं आया, पहल करना तो मर्दों का काम है, चलो फिर भी तुम आ ही गई हो तो.....उधर लक्समैन खड़ा है, वो भी कम स्मार्ट नहीं है...ट्राइ कर लो....’’

सिरपनखा चल पड़ी लक्समैन की ओर, अपनी मोतियों जैसी मुस्कान बिखेरते हुए.....उसे क्या मालूम कि एक तो लड़की द्वारा पहल, वह भी ऐसी बोल्ड मुस्कान के साथ, वीर मर्द इसे बर्दाश्त नहीं कर पाते...

वीर लक्समैन ने उठाई तलवार और साफ़ कर दिए सिरपनखा के नाक और कान......

कहते हैं तभी से लड़कियां, ख़ानदानी और सभ्य मर्दो के सामने,  नाक पर हाथ रखकर हंसती हैं......

-संजय ग्रोवर
22-09-2014

(जो लोग रिएलिटी शोज़ ज़्यादा देखते हैं, उन्हें यह बात अच्छी तरह मालूम है....वरना आज दिन-भर चैक कर लेना....)

1 टिप्पणी:

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