शुक्रवार, 11 मार्च 2011

भ्रष्टाचार और भक्त

एक बाबा ने अपने भक्तों से दोटूक कहा,
‘‘ जो जो काली कमाई करते हैं मेरे पास न आया करें,
या तो भ्रष्टाचार छोड़ दो या मुझे छोड़ दो!’’
दूसरे दिन सुबह पांच भक्त आश्रम में दिखाई दिए।
‘चलो पांच तो आए’, बाबा ने ख़ुदको संभाला,
‘‘आपको मेरी क्या बात अच्छी लगी ?’’ बाबा ने पूछा।
‘‘ हम तो बस यही पूछने आए हैं कि क्या आप सीरियस हैं !? कल आएं कि नहीं ?’’

(एक हृदयविदारक मौलिक चुटकुला)

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