शनिवार, 14 जनवरी 2017

भीड़ की ताक़त

सवा अरब लोग अगर एक हो जाएं तो क्या नहीं कर सकते ?






और कुछ नही तो मिलजुलकर चुप तो रह ही सकते हैं।



-संजय ग्रोवर
14-01-2017


1 टिप्पणी:

निश्चिंत रहें, सिर्फ़ टिप्पणी करने की वजह से आपको पागल नहीं माना जाएगा..

पुराने पोस्ट पढने के लिए इस पोस्ट के नीचे दाएं 'पुराने पोस्ट'(Older Posts) पर क्लिक करें-